कोई भी आपको सफलता का ऋणी नहीं है
Page 6: तुलना आपकी प्रगति नष्ट कर देती है
आज की दुनिया में तुलना आसान है।
सोशल मीडिया।
दोस्तों की सफलता।
दूसरों की उपलब्धियाँ।
लेकिन तुलना आपकी शांति छीन लेती है।
तुलना क्यों खतरनाक है?
- आप अपनी यात्रा भूल जाते हैं।
- आप अपनी प्रगति को छोटा समझते हैं।
- आप निराश हो जाते हैं।
हर व्यक्ति की शुरुआत अलग होती है। हर यात्रा की गति अलग होती है।
सच्चाई
दूसरों की सफलता आपके खिलाफ नहीं है।
आपकी असली प्रतिस्पर्धा, आपका कल का संस्करण है।
छठी समझ
तुलना ईर्ष्या पैदा करती है।
ध्यान प्रगति पैदा करता है।
चिंतन
“क्या मैं दूसरों को देख रहा हूँ, या खुद को बेहतर बना रहा हूँ?”
अपनी राह पर चलिए। यही असली शक्ति है।
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